38वें राष्ट्रीय खेल में मौली संवाद: नेशनल स्पोर्ट्स विजन कॉन्क्लेव’ का दसवां दिन

38वें राष्ट्रीय खेल के तहत मौली संवाद: नेशनल स्पोर्ट्स विजन कॉन्क्लेव’ के दसवें दिन की शुरुआत खेल जगत में मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने के महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के साथ हुई।

पहला सत्र: थकान से सफलता तक – आधुनिक एथलीटों के लिए रिकवरी तकनीक

इस सत्र का संचालन आईओए प्रेस अटैची जी. राजारामन ने किया, और प्रमुख वक्ता के रूप में योग एवं समग्र स्वास्थ्य विशेषज्ञ अदिति खन्ना मौजूद रहीं। उन्होंने बर्नआउट को परिभाषित करते हुए बताया कि यह सिर्फ थकान नहीं बल्कि मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक थकावट का एक स्तर है, जिसे गंभीरता से लेना जरूरी है।

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उन्होंने एथलीटों के लिए आराम की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, “एक खिलाड़ी की ताकत सिर्फ उसकी ट्रेनिंग में नहीं, बल्कि उसकी रिकवरी में भी छिपी होती है। सही आराम और मानसिक शांति प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।”

योग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने मंच पर कुछ वॉलंटियर के साथ बर्नआउट से उबरने के लिए विशेष योग और सांस तकनीकों का अभ्यास कराया। साथ ही, तनाव और चिंता को दूर करने के लिए एक विशेष विश्राम अभ्यास भी किया गया।
इस अवसर पर खेल जगत से जुड़े राजीव, कार्तिक और दीपक को सम्मानित किया गया।

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दूसरे सत्र का मुख्य आकर्षण मनोरंजन रहा, जिसे दर्शकों ने खूब एन्जॉय किया। इस दौरान बॉलीवुड डांस परफॉर्मेंस हुईं और एक शानदार फैशन शो आयोजित किया गया, जिसमें मॉडल्स ने विभिन्न एथलेटिक वियर में रैंपवॉक किया। इस रैंपवॉक के जरिए एथलीट्स के स्पोर्ट्सवियर कलेक्शन को बेहतरीन अंदाज में प्रस्तुत किया गया। वहीं, ज़ुम्बा इंस्ट्रक्टर ने भी मौजूद दर्शकों को ज़ुम्बा करवाया, जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस एनर्जेटिक एक्टिविटी का पूरा मज़ा उठाया।

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प्रतिभागियों और दर्शकों ने इस सत्र का भरपूर आनंद लिया, जिससे खेलों का यह आयोजन न सिर्फ प्रतिस्पर्धा, बल्कि मनोरंजन और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का भी प्रतीक बन गया।

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