मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून में जटिल गर्भाशय फाइब्रॉएड का उन्नत रोबोटिक सर्जरी से सफल इलाज

हरिद्वार। एक जटिल और जोखिम भरे मामले में, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, देहरादून के डॉक्टरों ने 45 साल की महिला की रोबोटिक तकनीक से सफल सर्जरी की। महिला को गर्भाशय में कई बड़े फाइब्रॉएड थे, जिसकी वजह से उसे काफी परेशानी हो रही थी और उसकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही थी।

देहरादून निवासी इस मरीज को लंबे समय से पेल्विक क्षेत्र में तीव्र दर्द और अत्यधिक मासिक रक्तस्राव की समस्या थी, जिससे उसकी दैनिक गतिविधियाँ बाधित हो रही थीं। विस्तृत क्लिनिकल जांच और इमेजिंग में पाया गया कि उसका गर्भाशय अत्यधिक बढ़ चुका था। लगभग 24–26 सप्ताह के गर्भ के आकार के बराबर और इसमें बड़े फाइब्रॉएड के साथ-साथ आसपास के अंगों से जुड़ी घनी टिश्यू भी मौजूद थीं, जिससे सर्जरी अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गई थी।

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इस जटिल स्थिति को ध्यान में रखते हुए, डॉ. रश्मि वार्ष्णेय गुप्ता एसोसिएट डायरेक्टर – स्त्री रोग, रोबोटिक एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने उन्नत रोबोटिक तकनीक का उपयोग करते हुए सर्जरी की। टीम ने अत्यधिक सटीकता और सावधानी के साथ प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया और बिना किसी चीरे के गर्भाशय से लगभग 1 किलोग्राम अतिरिक्त मास को सुरक्षित रूप से निकाल दिया।

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इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए, डॉ. रश्मि वार्ष्णेय गुप्ता ने कहा,“रोबोट-सहायता प्राप्त सर्जरी कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है, जैसे न्यूनतम रक्तस्राव, कम दर्द, शीघ्र रिकवरी और अधिक सर्जिकल सटीकता। हाई-डेफिनिशन 3D विज़ुअलाइज़ेशन सर्जन को बेहतर स्पष्टता और नियंत्रण देता है, जो विशेष रूप से जटिल मामलों में बेहद उपयोगी साबित होता है। इस केस में रोबोटिक तकनीक ने हमें अत्यधिक बढ़े हुए गर्भाशय का सुरक्षित और प्रभावी तरीके से इलाज करने में मदद की।”

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सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी सुचारु रही और उसे तीसरे दिन स्थिर अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

यह केस जटिल स्त्री रोग संबंधी बीमारियों के उपचार में उन्नत रोबोटिक सर्जरी की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है और समय पर निदान एवं उपचार के महत्व को रेखांकित करता है। साथ ही, यह मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, देहरादून की अत्याधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।

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