एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई: 40 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला ध्वस्तीकरण का बुलडोज़र; प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं : बंशीधर तिवारी

देहरादून: मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने आज डोईवाला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई। एमडीडीए द्वारा पूर्व में संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग को रोकने के निर्देश दिए गए थे, किंतु नियमों की अनदेखी जारी रहने पर यह कठोर कदम उठाया गया। प्राधिकरण का उद्देश्य अनियंत्रित विकास पर रोक लगाकर सुव्यवस्थित, सुरक्षित और नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है। अवैध प्लॉटिंग से न केवल भविष्य की आधारभूत सुविधाओं पर दबाव पड़ता है, बल्कि आम नागरिकों को भी आर्थिक एवं कानूनी नुकसान उठाना पड़ता है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

ये भी पढ़ें:  उफतारा सम्मान से नवाजे गए युवा कवि-पत्रकार दीपक कैंतुरा, लोकभाषा और संस्कृति संरक्षण में योगदान को मिली पहचान

ध्वस्तीकरण की गई अवैध प्लॉटिंग का विवरण
रियासत अली, मोन्टी एवं आवेद अली द्वारा कुड़कावाला मार्ग, बी.एस.एफ. कैम्प के पीछे, नकट भट्टा, डोईवाला, देहरादून में लगभग 30 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त दीपू रावत द्वारा झबरावाला, डोईवाला, देहरादून में लगभग 08–10 बीघा क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी ध्वस्त किया गया। उक्त कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाती कोहली, सुपरवाइजर एवं पर्याप्त पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहा।

ये भी पढ़ें:  उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीकी उपकरणों का सुदृढ़ आधार

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना स्वीकृति की जा रही प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के हितों के साथ भी खिलवाड़ है। प्राधिकरण का लक्ष्य नियोजित विकास सुनिश्चित करना और नागरिकों को सुरक्षित, वैध एवं सुविधायुक्त आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की भूमि क्रय करने से पूर्व एमडीडीए से उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

ये भी पढ़ें:  अवैध निर्माणकर्ताओं पर शिकंजा कसने मैदान में उतरे एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि यह कार्रवाई विधिसम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत की गई है। अवैध प्लॉटिंग करने वालों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अनुपालन न होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन कार्यवाही के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। प्राधिकरण क्षेत्र में नियमों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करना एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *