परियोजनाओं के लिए भूमि चयन हेतु डीएम आशीष चौहान ने की तहसीलदारों की जिम्मेदारी तय; एसडीएमस को अनुश्रवण के निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित कर संबंधित विभागीय अधिकारियों को राष्ट्रीय एवं राज्य महत्व की परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारने के लिए वन भूमि हस्तांतरण के मामलों का आपसी समन्वय से त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि विकास परियोजनाओं के सर्वेक्षण एवं क्रियान्वयन के दौरान यह विशेष ध्यान रखा जाए कि वन संपदा को न्यूनतम क्षति पहुंचे। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण आवश्यक है, उनके लिए प्रतिपूरक वनीकरण (कम्पेन्सेटरी अफॉरेस्टेशन) हेतु सीए भूमि का समयबद्ध चिन्हीकरण किया जाए, जिससे परियोजनाओं को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।

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बैठक में अवगत कराया गया कि आशारोड़ी से झाझरा-मसूरी हाईवे परियोजना के लिए लगभग 110 हेक्टेयर सीए भूमि की आवश्यकता है। इस पर जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के अधिकारियों को परियोजना का विस्तृत प्लान प्रस्तुत करने तथा वन विभाग के अधिकारियों को राज्य एवं राष्ट्रीयहित की परियोजनाओं के प्रकरणों का विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। वहीं लोनिवि के 14 प्रोजेक्ट हेतु 68 हे0 सीए भूमि के सम्बन्ध में सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों एवं वन विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय करते हुए भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने वन भूमि हस्तांतरण एवं सीए भूमि चिन्हीकरण से संबंधित लंबित प्रकरणों के प्रभावी समाधान के लिए संबंधित प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ), उपजिलाधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंताओं की संयुक्त टीम गठित कर प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित एवं विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता एक महत्वपूर्ण विषय है। इस दृष्टि से जिलाधिकारी ने तहसीलदारों की जिम्मेदारी तय करते हुए निर्देश दिए कि राष्ट्रीय एवं राज्य महत्व की परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि चयन की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई जाए। साथ ही समस्त उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में प्रस्तावित महत्वपूर्ण परियोजनाओं हेतु भूमि चयन एवं वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े प्रकरणों की नियमित अनुश्रवण एवं समीक्षा करने के निर्देश दिए।

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जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें तथा किसी भी स्तर पर लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में प्रभावी वनाधिकारी चकराता वैभव कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन समृता परमार, संयुक्त मजिस्टेªट राहुल आनंद, उप जिलाधिकारी रविन्द्र जुवांठा, अधीक्षण अभियंात लोनिवि ओमपाल सिंह, एनएच सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधि उपस्थित रहे तथा उपजिलाधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े रहे।

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