उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल पहचान दे रहा वीडियोज अलार्म; चर्चित फिल्म “निखण्यां जोग” हुई OTT पर रिलीज़

  • “निखण्यां जोग” की OTT एंट्री, वीडियोज अलार्म बना उत्तराखंडी सिनेमा का नया डिजिटल घर

देहरादून। उत्तराखंड की क्षेत्रीय फिल्म इंडस्ट्री लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। इसी क्रम में निर्देशक देबू रावत द्वारा निर्देशित चर्चित गढ़वाली फीचर फिल्म “निखण्यां जोग” अब उत्तराखंड के पहले समर्पित क्षेत्रीय OTT प्लेटफॉर्म वीडियोज अलार्म (Videos Alarm) पर रिलीज़ हो चुकी है।

फिल्म का निर्माण आशा मुनीन्द्र सकलानी ने किया है, जबकि निर्देशन देबू रावत द्वारा किया गया है। फिल्म के सह-निर्देशक एवं कोरियोग्राफर विजय भारती हैं। संगीत निर्देशन अमित वी कपूर द्वारा किया गया है। फिल्म में पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण, अमित खरे, प्रतीक्षा बमराड़ा और लेखराज भंडारी ने अपनी मधुर आवाज़ दी है। प्रमुख कलाकारों में मोहित घिल्डियाल, प्राची पंवार, मानसी शर्मा, रवि ममगाईं, पुरुषोत्तम जेठुड़ी, सुषमा व्यास, डॉ. एम.आर. सकलानी, अजय सिंह बिष्ट, राजेश जोशी, हर्ष खत्री, विनीता नेगी, अंशिका भारती और पूनम नैथानी शामिल हैं।

ये भी पढ़ें:  SIR को लेकर निर्वाचन आयोग की प्रेस वार्ता, 8 जून से घर-घर जाकर गणना फार्म बांटेंगे BLO

“निखण्यां जोग” उत्तराखंड की सामाजिक वास्तविकताओं पर आधारित एक संवेदनशील कहानी है, जो पलायन, पारिवारिक जिम्मेदारियों, संघर्ष और भाग्य की अनिश्चितताओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। फिल्म पहाड़ की संस्कृति, जीवनशैली और मानवीय भावनाओं को दर्शाते हुए दर्शकों से गहरा जुड़ाव स्थापित करती है।

“निखण्यां जोग” की डिजिटल रिलीज़ के साथ एक बार फिर चर्चा में आया है वीडियोज अलार्म, जिसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल मंच प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। Coloured Checkers Films & Entertainment Pvt. Ltd. द्वारा संचालित यह प्लेटफॉर्म गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं की फिल्मों, संगीत, लोक संस्कृति और वृत्तचित्रों को एक ही मंच पर उपलब्ध करा रहा है।

ये भी पढ़ें:  ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई उड़ान, मुख्य सचिव ने स्वरोजगार मॉडलों का किया निरीक्षण

“अपनी बोली, अपना स्वैग” के नारे के साथ संचालित वीडियोज अलार्म आज दुनिया भर में बसे उत्तराखंडियों को अपनी मातृभाषा और संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है। मात्र ₹99 वार्षिक सदस्यता के साथ उपलब्ध यह प्लेटफॉर्म Android, iOS और Android TV पर भी सुलभ है, जिससे दर्शक कहीं भी और कभी भी अपनी पसंदीदा क्षेत्रीय सामग्री का आनंद ले सकते हैं। प्लेटफॉर्म पर “निखण्यां जोग” के अलावा शहीद, रतब्याण, धर्ती म्यार कुमाऊं की और मीठी मां कु आशीर्वाद जैसी चर्चित क्षेत्रीय फिल्में भी उपलब्ध हैं।

इस अवसर पर गोपाल सिंह बिष्ट, सेल्स हेड, वीडियोज अलार्म ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल मनोरंजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति और लोक पहचान को डिजिटल माध्यम से नई पीढ़ी और वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है। आज के व्यस्त जीवन में हर व्यक्ति के लिए सिनेमाघर तक पहुंचना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में वीडियोज अलार्म दर्शकों को घर बैठे, अपनी सुविधा और समय के अनुसार क्षेत्रीय फिल्मों और सांस्कृतिक सामग्री का आनंद लेने का अवसर प्रदान करता है। Android, iOS और Android TV पर उपलब्ध होने के कारण दर्शक कहीं भी और कभी भी अपनी पसंदीदा उत्तराखंडी फिल्में देख सकते हैं। ‘निखण्यां जोग’ जैसी फिल्मों की OTT रिलीज़ क्षेत्रीय सिनेमा को नई संभावनाएं प्रदान करेगी और स्थानीय कलाकारों व फिल्म निर्माताओं के लिए एक मजबूत डिजिटल मंच तैयार करेगी।

ये भी पढ़ें:  आयुष्मान भारत योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *