एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर सख़्त प्रहार, सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्यवाही तेज

देहरादून: मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत किए जा रहे अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख़्त रुख अपनाते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्यवाही लगातार जारी है। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिना स्वीकृति एवं नियमों के विरुद्ध किए जा रहे किसी भी प्रकार के निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में देहरादून के प्रगति विहार क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई। प्रगति विहार लेन संख्या-06, देहरादून में उपेन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्यवाही की गई।

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वहीं, इसी क्षेत्र में श्रेयष अग्रवाल द्वारा निर्मित अवैध टिन शैड को चिन्हित करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई। दोनों ही मामलों में निर्माण प्राधिकरण से बिना स्वीकृति के किए जा रहे थे।

उक्त कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर की गई, जिसमें सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा एवं प्राधिकरण के सुपरवाइजर मौके पर उपस्थित रहे।

एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पूर्व प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह अभियान शहर को सुनियोजित, सुरक्षित एवं अवैध निर्माण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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उपाध्यक्ष एमडीडीए, बंशीधर तिवारी का बयान
प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण शहर के सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण न केवल शहर की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में गंभीर समस्याएं भी पैदा करते हैं। एमडीडीए द्वारा लगातार निरीक्षण कर अवैध निर्माणों को चिन्हित किया जा रहा है और उनके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जा रही है। आमजन से अपील है कि निर्माण से पूर्व प्राधिकरण की स्वीकृति अवश्य लें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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सचिव एमडीडीए, मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति किए गए निर्माणों को चिन्हित कर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। यह कदम शहर के सुनियोजित विकास और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। नागरिक सहयोग से ही अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

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