उत्तराखंड STF का बड़ा एक्शन, कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग के दो गुर्गे गिरफ्तार, ये हैं आरोप

रुड़की। हरिद्वार जिले के रुड़की में एक बड़ा आपराधिक मामला सामने आया है। देहरादून से आई एसटीएफ (STF) की टीम ने पार्षद मनीष बोलर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पार्षद ने कुख्यात अपराधी प्रवीण वाल्मीकि के साथ मिलकर एक महिला की जमीन को फर्जी दस्तावेजों से बेचने की साजिश रची। इस मामले में एक अन्य व्यक्ति पंकज अष्ठवाल को भी गिरफ्तार किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, एसटीएफ को एक शिकायत मिली थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रवीण वाल्मीकि, उसका भतीजा और भाजपा पार्षद मनीष बोलर, और उनके सहयोगी राजकुमार व अंकित रुड़की और हरिद्वार में लोगों को धमकाकर उनकी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं। जांच में पता चला कि ये लोग कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को जान से मारने की धमकी देते हैं।

ये भी पढ़ें:  बीकेटीसी में ‘कामचलाऊ’ नहीं, ‘फुलटाइम अफसर’ की नियुक्ति करे सरकार : विकेश नेगी

एक पीड़ित महिला रेखा (जो स्वर्गीय श्याम बिहारी की पत्नी हैं) की जमीन को भी इसी तरह हड़पने की कोशिश की गई। आरोप है कि जब रेखा के देवर कृष्ण गोपाल ने इसका विरोध किया तो 2018 में प्रवीण वाल्मीकि ने उसकी हत्या करवा दी थी। इसके बाद रेखा के भाई पर भी 2019 में जानलेवा हमला हुआ। डर के मारे रेखा अपना घर छोड़कर अज्ञात स्थान पर रहने लगीं।

इस स्थिति का फायदा उठाते हुए, मनीष बोलर और उसके गिरोह ने एक फर्जी महिला को रेखा के रूप में पेश करके रेखा के पति के मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया। फिर फर्जी ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ बनाकर पंकज अष्टवाल के नाम से दो प्लॉट बेच दिए। एसटीएफ के मुताबिक, इस गिरोह ने इसी तरह तीन फर्जी रजिस्ट्रियां करवाई हैं। एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि प्रवीण वाल्मीकि फिलहाल सितारगंज जेल में बंद है, और उसके गिरोह के उगाही के काम को मनीष बोलर देख रहा था।

ये भी पढ़ें:  धामी सरकार की बड़ी उपलब्धि: ऋषिकेश बाईपास 4-लेन के लिए ₹1105 करोड़ की मंजूरी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयास लाए रंग

पार्षद पर हुई कार्रवाई

एसटीएफ निरीक्षक नंद किशोर भट्ट की तहरीर पर गंगनहर कोतवाली में मनीष बोलर और अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद, एसटीएफ मनीष बोलर को पूछताछ के लिए देहरादून ले गई है। मामला सामने आने के बाद, भाजपा ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए पार्षद मनीष बोलर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।

ये भी पढ़ें:  बीकेटीसी में ‘कामचलाऊ’ नहीं, ‘फुलटाइम अफसर’ की नियुक्ति करे सरकार : विकेश नेगी

समर्थकों और सफाईकर्मियों का हंगामा

पार्षद की गिरफ्तारी की खबर सुनकर देर रात बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग गंगनहर कोतवाली के बाहर जमा हो गए। पुलिस के समझाने पर वे शांत हुए, लेकिन सुबह रुड़की नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने काम बंद करके प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस प्रदर्शन से निगम में कामकाज और सड़कों पर आवागमन बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि एक जनप्रतिनिधि के खिलाफ ऐसी कार्रवाई ठीक नहीं है। फिलहाल, वे एसपी देहात से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *