सीएम धामी ने खटीमा आवास पर लगाया स्मार्ट मीटर, सरकारी प्रतिष्ठानों में भी तेजी से लगेंगे स्मार्ट मीटर

देहरादून। उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर क्रांति को आगे बढ़ाते हुए, उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खटीमा स्थित निजी आवास, तराई नगला परिसर में स्मार्ट मीटर स्थापित किया गया। यह कदम प्रदेश के 15.87 लाख विद्युत उपभोक्ताओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है, जिससे उत्तराखंड में अत्याधुनिक बिजली प्रबंधन की नई शुरुआत होगी।

स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को मिलेंगे कई फायदे

UPCL द्वारा भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत पूरे राज्य में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। यह अत्याधुनिक तकनीक उपभोक्ताओं को रियल-टाइम बिजली खपत की जानकारी, सही बिलिंग, बिजली चोरी में कमी, और निर्बाध आपूर्ति जैसी कई सुविधाएँ प्रदान करेगी।

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इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने UPCL के अधीक्षण अभियंता शेखर त्रिपाठी से स्मार्ट मीटर की तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली। उन्होंने स्मार्ट मीटर की पारदर्शिता और उपभोक्ता हितैषी तकनीक की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि जनता को इस योजना के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता इस नई तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरित हों।

स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को क्या लाभ मिलेगा?

✅ सही और पारदर्शी बिलिंग – अनुमानित बिलिंग की समस्या समाप्त, गलत बिलिंग से राहत
✅ रियल-टाइम बिजली खपत की जानकारी – मोबाइल ऐप के माध्यम से हर पल की जानकारी
✅ बिजली चोरी में कमी – प्रदेश में अनधिकृत बिजली उपयोग पर लगाम
✅ बिजली आपूर्ति में सुधार – फॉल्ट और सप्लाई बाधित होने की तुरंत जानकारी
✅ सोलर नेट मीटरिंग की सुविधा – सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को अतिरिक्त लाभ
✅ कोई इंस्टॉलेशन शुल्क नहीं – पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं

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सरकारी प्रतिष्ठानों में भी तेजी से लगेगा स्मार्ट मीटर

उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव द्वारा सभी विभागाध्यक्षों, जिलाधिकारियों और सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इस योजना को गति देने के लिए UPCL के प्रबंध निदेशक ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

ऊर्जा प्रबंधन का भविष्य – स्मार्ट मीटर

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UPCL का यह प्रयास राज्य में ऊर्जा दक्षता और आधुनिक बिजली प्रबंधन की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगा। यह पहल उपभोक्ताओं को न केवल अपने बिजली उपयोग को समझने में मदद करेगी, बल्कि ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होगी।

प्रदेश के नागरिकों से अनुरोध किया जाता है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगवाकर इस अत्याधुनिक तकनीक का लाभ उठाएँ और उत्तराखंड को स्मार्ट ऊर्जा राज्य बनाने में सहयोग दें।

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